गवर्नमेंट ने देश में कौशल प्राप्त लोगों की संख्या को बढ़ाने के लिए साथ ही रोजगार युवाओं को ट्रेनिंग देने के उद्देश्य के साथ एक कल्याणकारी योजना की शुरुआत की है।

गवर्नमेंट के द्वारा शुरू की गई योजना का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य रखा है। इस योजना में मुख्य तौर पर गवर्नमेंट भारत के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले पढ़े लिखे और बेरोजगार युवाओं पर फोकस कर रही है।

साल 2014 में जब पहली बार देश के प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी बने तो उनके द्वारा ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना की शुरुआत की गई थी।

मोदी जी के आदेश पर इस योजना का संचालन करने की सारी जिम्मेदारी स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप एंड लाइवलीहुड डिपार्टमेंट को दी गई।

इस योजना के अंतर्गत मुख्य तौर पर ऐसे लोगों पर फोकस किया गया है, जो किसी न किसी प्रकार का कौशल सीखना चाहते हैं। योजना के अंतर्गत युवाओं को कौशल प्रदान किया जाता है और उन्हें रोजगार भी दिया जाता है

इस योजना के अंतर्गत गवर्नमेंट युवाओं की योग्यताओं को और भी अधिक विकसित करने में ध्यान दे रही है। युवाओं की योग्यता को बढ़ाने के लिए गवर्नमेंट के द्वारा DDU-GKY के जरिए ट्रेनिंग उपलब्ध करवाई जा रही है।

इस योजना के अंतर्गत जो भी युवा कौशल सीखेंगे, उन्हें कौशल सीखने के बाद सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा, साथ ही गवर्नमेंट उन्हें रोजगार दिलाने में भी उनकी हर संभव सहायता करेगी।

भारत में ऐसे कई युवा है जो बेरोजगार हैं और बेरोजगारी की वजह से वह आर्थिक तंगहाली से परेशान हैं। गवर्नमेंट के द्वारा इस योजना में ऐसे ही युवाओं पर फोकस किया गया है।

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